जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय के रेलवे कॉलोनी में अवैध कब्जाधारी 32 कच्चे मकानों पर रेलवे प्रशासन ने शनिवार को बुलडोजर चलाया है। रेलवे का कहना है कि ये जमीन रेलवे की है, यहां अवैध कब्जा कर मकान बना लिए थे। अवैध कब्जाधारी मकानों को पहले नोटिस जारीकर खाली करने कहा था। अवैध कब्जा खाली नहीं करने पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है। वहीं उस इलाके के अवैध कब्जाधारियों का कहना है कि हमें कोई नोटिस नहीं मिला। हम घर में भी नहीं थे, उस दौरान रेलवे प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर घर तोड़ दिया है। इस मामले में अब कांग्रेस और भाजपा के नेताओं की सियासत शुरू हो गई है।
नगर निगम के महापौर संजय पांडेय ने कहा कि वर्ष 2022 में कांग्रेस सरकार के दौरान भी इसी वार्ड में घर तोडऩे की प्रक्रिया शुरू की गई थी। तब भाजपाइयों ने आंदोलन कर प्रभावितों के नल और बिजली कनेक्शन बहाल करवाए थे । महापौर ने कहा कि अभी उन्हें घर तोडऩे की जानकारी मिली तो डीआरएम से बात कर दिवाली तक का समय मांगा गया है। जिसके बाद फिलहाल बचे मकानों पर दिवाली तक बुलडोजर कार्रवाई रोक दी गई है। इन प्रभावितों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिले इसके लिए निगम प्रशासन प्रयास कर रहा है।
दरअसल, यह मामला संजय गांधी वार्ड का है, जहां शनिवार को यहां रेलवे के अफसर और पुलिस जवान एक-एक कर अवैध तरीके से बने सारे मकानों पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य, पार्षद कोमल सेना और पार्टी कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य का कहना है कि रेलवे प्रशासन ने यहां के रहवासियों को बिना सूचना दिए इस तरह की कार्रवाई की, जिससे 50 से ज्यादा परिवार बेघर हो गए हैं। दिवाली त्योहार से पहले रेलवे प्रशासन ने उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया है, ये लोग अब कहां रहेंगे?
रेलवे प्रशासन के एडीएम नागा पसर ने कहा कि यह जमीन रेलवे की संपत्ति है, जिस पर अवैध रूप से मकान बनाकर लोग निवास कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग ने पूर्व में सभी को नोटिस दिया था। उच्च स्तर से भूमि खाली कराने के निर्देश मिले थे। पिछले दो माह से नोटिस जारी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह जगह रेलवे क्षेत्र में आती है, 2 अक्टूबर को अतिक्रमण हटाने की तिथि तय की गई थी। दशहरा त्योहार के चलते कार्रवाई स्थगित कर दी गई थी। जिसके बाद शनिवार 11 अक्टूबर को अभियान दोबारा शुरू किया गया है।
संजय गांधी वार्ड की कांग्रेस पार्षद कोमल सेना ने कहा कि वार्ड पार्षद होने के नाते रेलवे विभाग ने मुझे किसी तरह की सूचना नहीं दी। अधिकारियों ने कहा था कि सिर्फ दो लाइनें तोड़ी जाएंगी, लेकिन बाद में बाकी झोपडिय़ों को भी गिरा दिया गया। मैंने पहले भी प्रशासन से अनुरोध किया था कि जब तक इन लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान नही मिल जाए, तब तक इन्हें थोड़ा समय दिया जाए। लेकिन रेलवे अधिकारियों ने नहीं माना और बिना सूचना, नोटिस दिए मकानों पर बुलडोजर चला दिए।
