कोंडागांव। जिले का इकलौता नारियल विकास बोर्ड कोंडागांव में संचालित है, इसका संचालन केंद्र सरकार करती है। यहां 150 एकड़ क्षेत्रफल में नारियल की खेती की जा रही है। जो इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जिसका कारण यह है कि छत्तीसगढ़ में 50 रुपए तक में मिलने वाला नारियल कोंडागांव में मात्र 10 रुपए में मिल रहा है। इसे खरीदने के लिए वहां के स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई है। लोग 10 में खरीदकर इसे 20-25 में बेचकर मुनाफा कमा रहे है। इस बोर्ड द्वारा उगाए गए नारियल आम बाजार में मिलने वाले नारियल से अधिक ताजे और बेहतर गुणवत्ता वाले हैं। साथ ही कीमत में भी बेहद सस्ते हैं। बाजार में एक नारियल 20 से 25 रुपए का मिलता है, हालांकि छत्तीसगढ़ के अन्य शहरों की बात करें तो नारियल पानी की कीमत 50 रूपये तक है। सीता बाई, जो पास के ही एक गांव से आती हैं, बताती हैं, “हम रोज 50-60 नारियल लेते हैं और बाजार में बेचते हैं। राखी के टाइम पर बहुत डिमांड रहती है। एक नारियल पर 10-15 रुपए का मुनाफा हो जाता है।
नारियल विकास बोर्ड कोंडागांव में इन दिनों बेहद सस्ते दामों पर नारियल की उपलब्धता होने के कारण नारियल खरीदने के लिए महिलाओं और पुरुषों की लंबी कतारें लग रही हैं । त्योहारी मांग के चलते यहां महिलाओं की बड़ी संख्या पहुंच रही है। कई महिलाएं रोजाना दर्जनों नारियल खरीदकर बाजार में 20-25 रुपए में बेच रही हैं। इससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है । नारियल विकास बोर्ड सिर्फ फल बेचने तक सीमित नहीं है। यहां पर किसानों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। वे अपनी ज़मीन पर नारियल, कोको, अदरक, दालचीनी, तेजपत्ता, लीची और आम जैसी नकदी फसलें उगा सकते हैं। इससे वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ वैकल्पिक आय का जरिया भी विकसित कर रहे हैं। बोर्ड के अधिकारी बताते हैं कि अब तक कई किसान नारियल की खेती से जुड़ चुके हैं । यह क्षेत्र नारियल उत्पादन का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है।
