सफलता के लिए जिद्दी बनना पड़ता है – डॉ लाल उमेद सिंह


रायपुर। महंत लक्ष्मी नारायण दास महाविद्यालय में इंडक्शन ( दीक्षारम्भ) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नवोदित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ लाल उमेद सिंह ने कहा कि सफलता के लिए जिंदगी में जिद्दी बनना पड़ता है तभी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। कॉलेज के दिन में प्रवेश करते ही विद्यार्थी को एक स्वतंत्र माहौल मिलने लगता है क्योंकि एक परिवेश से निकलकर वह कॉलेज पहुंचता है लेकिन विद्यार्थी को फ्री होकर आसमान में उडऩा जरूर चाहिए लेकिन परिवार से जुड़ा रहना भी जरूरी है। फर्स्ट ईयर इज रेस्ट ईयर ऐसा कहा जाता है यह सभी विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष की स्वतंत्रता पर स्वयं को नियंत्रित रहने की जरूरत होती है तभी सेकंड ईयर और थर्ड ईयर के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्री अजय तिवारी, सचिव श्री अनिल तिवारी, प्राचार्य डॉ. देवाशीष मुखर्जी, लोक गायक दिलीप षडंगी,  सदस्य अभिजीत तिवारी, भारत स्काउट गाइड के प्रदेश अध्यक्ष डॉ सुरेश शुक्ला, हरि बल्लभ अग्रवाल एवं यूपीएससी से चयनित महाविद्यालय की होनहार छात्रा श्वेता शर्मा व उनके माता-पिता विशेष उपस्थिति रही।

विद्यार्थियों से डॉ सिंह ने अपील करते हुए कहा कि विद्यार्थी वर्चुअल दुनिया में ना रहे फेसबुक, इंस्टाग्राम से प्रभावित होने से दूर रहे। दुनिया की भागम भाग जीवन में शामिल होने की जरूरत नहीं है जरूरत इस बात की है कि वास्तविक जीवन को याद रखा जाए जिसमें माता-पिता की तपस्या और योगदान को अवश्य याद रखना चाहिए। वे मानते हैं कि विद्यार्थी में अनुशासन और निर्णय लेने की क्षमता से टारगेट हासिल होता है इसलिए सभी विद्यार्थी इन दोनों तत्वों को विशेष रूप से ध्यान में रखें। कॉलेज की पढ़ाई में अंतिम वर्ष तक पहुंचने से पहले टारगेट क्लियर हो जाना चाहिए। एसपी रायपुर ने रायपुर के संदर्भ में कहा कि इस समय राजधानी में ट्रांजिशनल  (परिवर्तित) फेस चल रहा है। उन्होंने अपने आरंभिक शिक्षा  के बारे में जानकारी दी और बताया कि कैसे स्कूली जीवन से शुरुआत की और पीएससी में चयनित होकर पुलिस के अधिकारी बने। कॉलेज की उम्र का क्राइटेरिया गजब का क्राइटेरिया होता है इसमें 18 वर्ष काफी महत्वपूर्ण है,यही से निर्णय लेने की क्षमता का निर्माण होता है इसलिए विद्यार्थियों को अलग दुनिया बनाने से पहले जिम्मेदारियां को भी समझना चाहिए। कानून व्यवस्था के संदर्भ में बातचीत करते हुए एसएस पी रायपुर ने कहा प्रत्येक विद्यार्थी को हेलमेट अपनाना चाहिए और वाहन चलाते समय ध्यान रखना चाहिए, सिग्नल को भी समझना चाहिए तभी यातायात और कानून की मदद हो पाएगी।

शिक्षा प्रचारक समिति के अध्यक्ष अजय तिवारी ने कहा कि कॉलेज में अलग-अलग माध्यमों से शिक्षा की जा रही है इन सभी में विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य तय करना चाहिए उनका कहना था कि महाविद्यालय में पूर्व के वर्षों में निशुल्क लोक सेवा आयोग की कक्षाएं संचालित होती थी जिसे पुनर संचालित करने के लिए महाविद्यालय प्रयास कर रहा है ताकि विद्यार्थियों को उज्जवल भविष्य तैयार किया जा सके आयोजन में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर देवाशीष मुखर्जी ने कहा पर्सनैलिटी डेवेलोपमेन्ट कोई इवेंट नहीं है बल्कि प्रेरणा स्रोत का हिस्सा होती है उन्होंने स्वागत में नवोदित छात्र छात्राओं को अभिनंदन किया और कहा कि पहले साल से ही लक्ष्य टारगेट करके चले वहीं आयोजन में उपस्थित यूपीएससी चयनित श्वेता शर्मा ने भी अपने अनुभव साझा किया और बताया कि सफलता में शिक्षकों का अवश्य योगदान होता है पूरे कार्यक्रम में महाविद्यालय के पुराने छात्र-छात्राएं विशेष कर एल्यूमिनी के अध्यक्ष प्रदीप साहू अंकित शुक्ला व उनकी टीम, डॉ अनुपमा जैन व अन्य उपस्थित थे और कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर किरण अग्रवाल ने किया ।

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *