रायपुर-. छत्तीसगढ़ संघर्ष परिषद द्वारा अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं. रविशंकर शुक्ल एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री शहीद श्री विद्याचरण शुक्ल की जयंती श्री विद्याचरण शुक्ल उद्यान एवम् शुक्ल भवन बूढ़ापारा में उनके चित्र एवं प्रतिमा में पुष्पांजलि अर्पित कर मनाई गई. इस अवसर पर शुक्ल समर्थक व कांग्रेसजन उपस्थित रहे। उपस्थितजनों ने याद किया कि पिता व पुत्र का जन्मदिन एक ही तारीख पर होना भी संयोग हैं और लोकप्रियता इतनी रही कि पिता को कक्काजी तो पुत्र को लोग विद्या भैया के नाम से ही याद करते हैं। पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल ने कहा कि पं. रविशंकर शुक्ल का देश की आजादी में मुख्य योगदान रहा है. अविभाजित मध्यप्रदेश के बड़े हिस्से में उनके समर्थक थे. उनके आंदोलनों से प्रभावित होकर ही महात्मा गांधी सहित कई राष्ट्रीय नेता शुक्ल भवन आये थे. देश की आजादी के बाद वे मुख्यमंत्री बने. कृषि, सिंचाई, शिक्षा, उद्योग आदि सर्वांगीण विकास के लिये उनके द्वारा किये गये कार्य सदैव स्मरणीय रहेंगे. शहीद श्री विद्याचरण शुक्ल को स्मरण करते हुए उन्होंने ने कहा कि वे कम उम्र में ही सांसद बन गये थे. केन्द्र में वे लगभग सभी विभागों के केबिनेट मंत्री रहे हैं. देश की राजनीति उनके इर्दगिर्द ही घुमती थी. पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन में उन्हें मिला जन समर्थन अविस्मरणीय था. वे युवाओं के प्रेरणास्रोत थे. उन्होंने अनेक युवाओं को राजनीति से जोड़कर उन्हें अवसर प्रदान किया. कार्यक्रम में प्रमोद चौबे, नितिन कुमार झा, डॉ. उदयभान सिंह चौहान ने भी अपने विचार रखे. इस अवसर पर शैलेष नितिन त्रिवेदी, एमआईसी पार्षद अमर गिदवानी, निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी, सुरेश उपाध्याय, किशन बाजारी, विकास गुप्ता, गौतम मिश्रा, सुरेश मिश्रा, आभा मुदलियार, अनुभव शुक्ला, राजेन्द्र तिवारी, शिरीष अवस्थी, अधिवक्ता द्वय संजय मिश्रा, मनोज ठाकुर, रवि शर्मा, पूर्व महापौर एजाज ढ़ेबर, पूर्व पार्षद राधेश्याम विभार, सुरेन्द्र चौधरी, जयशंकर तिवारी, जरीना अली, ध्रुव सिंह चौहान, गुरमित धनई, हमीद खान सहित काफी संख्या में परिषद के कार्यकर्ता एवं शुक्ल समर्थकगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी छगसंप के प्रवक्ता नितिन कुमार झा ने दी।

