भारतमाला परियोजना अनियमित्ता मामले में तृतीय पक्ष जांच राज्य शासन द्वारा नही कराई गई, राजस्व मंत्री ने सदन में दिया जवाब


00 मंत्रीमंडल द्वारा लिये गये निर्णय के बाद राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो कर रही जांच
रायपुर। मानसून सत्र के पहले दिन ही भारतमाला परियोजना में हुए अनियमित्ता का मामला विधानसभा में उठाया। कांग्रेस के विधायक ओंकार साहू के द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा भारतमाला परियोजना के अन्तर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर/धमतरी/कांकेर / कोण्डागांव/ कोरबा रायगढ़/जांजगीर-चांपा जशपुर/दुर्ग / राजनांदगांव/बिलासपुर जिलों में भूमि अधिग्रहण संबंधी कार्यवाही की गई है। एनएचएआई के पत्र अनुसार मुआवजा वितरण के सत्यता की काई आंतरिक लेख परीक्षण या तृतीय पक्ष जांच राज्य शासन द्वारा नही कराई गई है। संबंधित जिलो में अनियमित्ता की जानकारी संलग्न प्रपत्र अनुसार है।

राजस्व मंत्री ने बताया कि भारतमाला परियोजना के अन्तर्गत निम्न अधिकारियों को दोषी पाया गया है, जिनके विरूद्ध की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही का विवरण निम्नानुसार है:-
1. सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 03.03.2025 द्वारा श्री निर्भय कुमार साहू, रा.प्र.से. (आर.आर.-2024) को निलंबित किया गया है तथा पत्र दिनांक 29.04.2025 एवं 06.02.2025 द्वारा आरोप-पत्रादि जारी किये गए हैं।

  1. सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश दिनांक 05.03.2025 द्वारा श्री शशिकांत कुर्रे, रा.प्र.से. (पी.-2021) को निलंबित किया गया है तथा पत्र दिनांक 19.5.2025 द्वारा आरोप-पत्रादि जारी किये गए हैं।
  2. विभागीय आदेश क्रमांक 1091 दिनांक 08-10-2024 द्वारा श्री लखेश्वर प्रसाद किरण तत्कालीन नायब तहसीलदार गोबरा नवापारा, श्री जितेन्द्र साहू तत्कालीन हल्का पटवारी क्र. 49 नायकबांधा, श्री दिनेश पटेल, वर्तमान पटवारी हल्का 49 नायकाबांधा, श्री लेखराम देवांगन तत्कालीन हल्का पटवारी 24 टोकरो, को निलंबित किया गया है। उक्त आदेश के विरूद्ध छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के पारित आदेश दिनांक 05.02.2025 के परिपालन में निलंबित पटवारियों श्री जितेन्द्र कुमार साहु श्री दिनेश पटेल तथा श्री लेख राम देवांगन को कार्यभार ग्रहण कराने तथा पुन: निलंबित किये जाने हेतु कलेक्टर, जिला रायपुर को लिखा गया तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के पारित आदेश दिनांक 08.11.2024 के परिपालन में श्री लखेश्वर प्रसाद किरण, तत्कालीन नायब तहसीलदार के निलंबन आदेश दिनांक 08.10.2024 को आगामी सुनवाई तक “स्थगन” दिये जाने पर, पुन: कार्य पर उपस्थिति दी गई है।

जांच कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने के कारण वित्तीय वसूली नहीं की गई है।
राजस्व मंत्रीजी द्वारा दिये गये वक्तव्य एवं मंत्रीमंडल द्वारा लिये गये निर्णय के संबंध में विभागीय पत्र क्रमांक ईएसटीबी -102/128/2025/सात-2 दिनांक 08.04.2025 द्वारा जांच राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग को प्रेषित किया गया है। जिसके आधार पर ब्यूरो में अपराध कमांक-30/2025, धारा- 7 (सी) भ्र.नि. अधि. 1988 यथा संशोधित भ्र.नि. (संशोधन अधिनियम 2018 एवं 420, 467, 468, 471, 120बी भा.द.वि. पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।


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