बेंगलुरु-कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर अंदरुनी खींचतान तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस नेता और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला बेंगलुरु पहुंच गए हैं और लगातार पार्टी विधायकों से मीटिंग कर रहे हैं। डिप्टी सीएम शिवकुमार के करीबी विधायक दावा कर रहे हैं कि करीब 100 विधायक साथ हैं। पार्टी अपने किये वादे को अब पूरा करे। वहीं पार्टी अध्यक्ष खडग़े कह रहे है कि सीएम बदलने का फैसला आलाकमान करेगा। दरअसल इस पूरे बखेड़े का कारण यह है कि जब कर्नाटक में सिद्धरमैया की ताजपोशी हुई थी तब सबसे मजबूत दावेदारी रखने वाले शिवकुमार को पार्टी नेताओं की समझाईश पर पीछे हटना पड़ा था,उस समय कहा गया था ढाई-ढाई साल के लिए दोनों मुख्यमंत्री रहेंगे। लेकिन अब समय होने के बाद वर्तमान मुख्यमंत्री कुर्सी छोडऩे तैयार नहीं हैं। ऐसे में असंतोष बढ़ गया है। ठीक यही स्थिति कांग्रेस की सरकार बनने पर छत्तीसगढ़ में हुई थी जब भूपेश बघेल व टीएस सिंहदेव के बीच समझौते के वक्त ढाई-ढाई साल का फार्मूला बताया गया था। हालांकि इस अवधि में भूपेश ने अपना कुनबा ऐसा तैयार कर लिया कि आलाकमान को सीएम बदलने में पसीना छूट गया और आखिरी में असंतोष को दबाने सिंहदेव को डिप्टी सीएम बनाना पड़ा, तब तक देर हो चुकी थी और खामियाजा यह हुआ कि पांच साल में पार्टी के हाथ से सत्ता चली गई। हालांकि दोनों ही राज्यों के संदर्भ में एक बात समान दिख रहा है कि ढाई-ढाई साल वाली बात सार्वजनिक तो थी नहीं जिनके सामने हुई थी वही तय कर सकते हैं कि आखिर करना क्या है? जबकि खडग़े राष्ट्रीय अध्यक्ष होते हुए भी कह रहे हैं कि फैसला आलाकमान करेगा,आखिर कौन है आलाकमान? फैसला अब कांग्रेस पार्टी को करना है,फिर कहीं देर न हो जाए..?
