0 से 5 वर्ष के बच्चों की सुरक्षा पर विशेष फोकस, घर-घर पहुंचाए जाएंगे ओआरएस और जिंक
मुंगेली। जिले में बच्चों को डायरिया जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वच्छ जल, समुचित उपचार डायरिया से बचें हर बार की थीम पर 31 अगस्त 2026 तक ‘स्टॉप डायरिया अभियान-2026’ चलाया जा रहा है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में डायरिया मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है। यदि समय पर पहचान, उचित उपचार और जागरूकता सुनिश्चित की जाए तो इससे होने वाली अधिकांश मौतों को रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रव्यापी स्टॉप डायरिया अभियान-2026 संचालित किया जा रहा है, जिसका संदेश है।
अभियान के तहत जिले की मितानिन एवं एएनएम घर-घर पहुंचकर 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को दो ओआरएस पैकेट और 14 जिंक की गोलियां उपलब्ध करा रही हैं। साथ ही अभिभावकों को डायरिया के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी भी दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए मुनादी और दीवार लेखन कराया गया है, जबकि शहरी क्षेत्रों में माइकिंग और होर्डिंग के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस-जिंक कॉर्नर स्थापित किए गए हैं, जहां आवश्यक सामग्री और परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। आउटरीच सत्रों, ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस, विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में हाथ धोने की सही विधि का प्रदर्शन कर स्वच्छता के महत्व और डायरिया से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
डीपीएम गिरीश कुर्रे ने बताया कि दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष मोबाइल स्वास्थ्य टीमों का गठन किया गया है। इसके साथ ही महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्थानीय प्रशासन, आजीविका मिशन तथा निजी स्वास्थ्य संस्थानों के समन्वय से अभियान को जनभागीदारी आधारित स्वरूप दिया गया है। जिले में ओआरएस और जिंक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रत्येक बच्चे को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
