रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने राज्य के सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए सांसदों और विधायकों को लिपिकीय (क्लेरिकल) सुविधा उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। इस संबंध में मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर से 10 जून 2026 को पत्र जारी किया गया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि 20 अगस्त 2019 को जारी पूर्व निर्देशों के अनुसार प्रदेश के माननीय सांसदों एवं विधायकों को उनके संवैधानिक और विधायी कार्यों के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक लिपिकीय सहायता उपलब्ध कराई जानी है। इस व्यवस्था के तहत प्रत्येक सांसद और विधायक को सप्ताह में कम से कम दो दिनों के लिए लिपिकीय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि राज्य विधानसभा क्षेत्र के किसी भी जिले में पदस्थ कर्मचारियों की सेवाएं प्राप्त की जा सकती हैं, लेकिन राज्य स्तरीय कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों को विधायकों के साथ संलग्न नहीं किया जाएगा। यह प्रावधान माननीय मंत्रियों के मामलों में भी लागू नहीं होगा।
सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत के हस्ताक्षर से जारी इस पत्र की प्रतिलिपि सभी संबंधित विभागों, विधानसभा सचिवालय, उच्च न्यायालय रजिस्ट्रार तथा अन्य संबंधित कार्यालयों को भी भेजी गई है, ताकि निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

