दीदी के गोठ रेडियो कार्यक्रम के चतुर्थ कड़ी का हुआ प्रसारण


रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के तहत “दीदी के गोठ रेडियो कार्यक्रम के चतुर्थ कड़ी का प्रसारण गुरुवार को किया गया। जिसे राज्य की हजारों स्व-सहायता समूह की महिलाओं एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सुना। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन पर केंद्रित रहा। इस कड़ी में नमो ड्रोन दीदी, कृषि सखी एवं पशु सखी योजनाओं के अंतर्गत कार्यरत महिलाओं की प्रेरक सफलता की कहानियों को साझा किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देओश्य ग्रामीण अंचलों की स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना और राज्य में चल रही महिला सशक्तिकरण योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुँचाना है।

आज के कार्यक्रम में बताया गया कि कैसे छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएँ नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए कृषि कार्यों में क्रांति ला रही हैं, वहीं कृषि सखी और पशु सखी के रूप में महिलाएँ किसानों को तकनीकी सहायता प्रदान कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रही हैं।

दीदी के गोठ’ कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की ग्रामीण महिलाएँ न केवल नई जानकारियाँ प्राप्त कर रही हैं, बल्कि स्वयं के जीवन में परिवर्तन लाने की दिशा में कदम भी बढ़ा रही हैं। “दीदी के गोठ” कार्यक्रम से प्रदेशभर की लाखों महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यम के क्षेत्र में बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। ग्रामीण महिलाओं ने कार्यक्रम को न केवल प्रेरणादायक बल्कि जानकारीवर्धक भी बताया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत “दीदी के गोठ” रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण नियमित रूप से हर माह के द्वितीय गुरुवार को दोपहर 2 बजे से हिंदी एवं छत्तीसगढ़ी में आकाशवाणी के समस्त केन्द्रों से किया जाता है तथा बस्तरिया आकाशवाणी जगदलपुर से एवं सरगुजिया आकाशवाणी अंबिकापुर से दोपहर 2:30 बजे से प्रसारण किया जाता है, ताकि राज्य की ग्रामीण महिलाओं तक सरकार की योजनाओं एवं सफलता की कहानियों की जानकारी पहुँच सके और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में और अधिक सशक्त बनें।


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