रायपुर। छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर एक दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय हमने रामराज्य का जो संकल्प लिया था, वह सुशासन और जनकल्याण की दिशा में हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत है। उन्होंने विश्वास जताया कि नक्सलवाद और माओवाद को समाप्त करने की दिशा में भारत ने बड़ी प्रगति की है। पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने जो बदलाव देखा है, वह असाधारण है 25 साल पहले जो राज्य पिछड़ा था, आज वह विकास की दौड़ में अग्रणी बन चुका है। छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद नहीं, विकासवाद के लिए जाना जाएगा।
मोदी ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने जो परिवर्तन देखा है वो अद्भुत और प्रेरणादायी है। कभी यह राज्य नक्सलवाद और पिछड़ेपन से पहचाना जाता था। आज वही राज्य समृद्धि, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक बन रहा है और इस परिवर्तन के पीछे है छत्तीसगढ़ की जनता का परिश्रम और भाजपा की सरकारों का दूरदर्शी नेतृत्व। मोदी ने कहा कि जो राज्य पहले नक्सलवाद और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, आज वह समृद्धि और सुरक्षा के लिए जाना जाता है। बस्तर ओलंपिक पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो रहा है, और बस्तर में विकास तेजी से हो रहा है। जब भारत अपनी आजादी के 100 साल मनाएगा, तब विकसित भारत के योगदान में छत्तीसगढ़ अग्रणी होगा। सबका लक्ष्य है कि विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत का निर्माण हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा का इतिहास अपने आप में प्रेरणास्रोत है। 2000 में जब इस सुंदर राज्य की स्थापना हुआ तो पहली विधानसभा की बैठक राजकुमार कॉलेज रायपुर के जशपुर हॉल में हुई। वो समय सीमित संसाधनों का तो था लेकिन असीम सपनों का था। तब केवल एक भावना थी कि हम अपने भाग्य को और तेजी से उज्जवल बनाएंगे।
