रायपुर। पूर्व विधायक रजनीताई उपासने आज के राजनीतिक परिवेश में एक बड़ा उदाहरण हैं,आज के नेता एक नहीं बल्कि वाहनों के काफिले को अपना स्टेट्स मानते हैं,लेकिन ताई विधायक होकर भी रिक्शे में घूमती थीं। कोई कार की पेशकश कर दे तो भगा देती थीं। ताई से जुड़ी कुछ यादें..
0- ताई को 80 के चुनाव में दोबारा टिकट देने के लिए स्वंय अटल बिहारी बाजपेयी ने सिफारिश की थी लेकिन टिकट नहीं मिल पाई।
0-जब कलेक्टर ने कहा- देशद्रोही हो, घर सील कर दूंगा। 1975-77 में आपातकाल के दौरान रायपुर कलेक्टर रविंद्र शर्मा ने ताई को उनका तात्यापारा वाला घर सील करने की धमकी दे दी थी। उन्होंने कहा कि आप देशद्रोही हैं। तब ताई ने कहा बेटे तो अंदर है ही और क्या करोगे मुझे भी ले चलो। दरअसल भूमिगत संघ नेताओं का सेंटर भी यही घर था।
0-ताई विधायक रहते हुए भी रिक्शे में आना जाना किया करती थीं। 0- तब मध्यप्रदेश की राजनीति में दो ताई एक सुमित्रा महाजन व दूसरी रजनी ताई को काफी सम्मान दिया जाता था। सुंदरलाल पटवा,कैलाश जोशी जैसे नेताओं का सतत राजनीतिक संपर्क रहा।
0-काफी कम लोगों को यह पता है कि रमेश बैस को ताई ही राजनीति में लाईं। 1978 में जब नगर निगम के चुनाव हो रहे थे। बृजलाल वर्मा जनता पार्टी के अध्यक्ष थे। ब्राह्मणपारा वार्ड से पार्षद के लिए डॉ. रामजी बैस को टिकट देने का फैसला हुआ। उन्होने मना कर दिया। लेकिन जब उनके भाई रमेश बैस का नाम आया तो विरोध शुरु हो गया। लेकिन ताई अड़ गईं। लोग नहीं माने तो उन्होंने इस्तीफे की धमकी दे दी। बोलीं मैं विधायक हूं मेरे विधानसभा क्षेत्र का मामला है। टिकट तो देना पड़ेगा रमेश को। वर्मा ने सबको मनाया। टिकट मिली, बैस जीते।
