कांकेर। जिला मुख्यालय से महज 18 किलोमीटर दूर स्थित प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मलांजकुड़ुम जलप्रपात में शनिवार देर शाम को एक दर्दनाक हादसा हो गया। मलांजकुड़ुम जलप्रपात से एक युवक गोपाल चंद्राकर निवासी रायपुर का पैर फिसल जाने से वह नीचे गिर गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक अपने 5 दोस्तों के साथ प्रसिद्ध पर्यटक स्थल मलांजकुड़ुम जलप्रपात घुमने के लिए आया था।
कांकेर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रायपुर से गोपाल चंद्राकर और उसके 5 दोस्तों शनिवार को मलांजकुड़ुम जलप्रपात पहुंचे थे। इसी दौरान गोपाल डेंजर जोन में चला गया, और चिकने पत्थर में पैर फिसलने से नीचे गिर पड़ा। युवक के दोस्तों ने घटना की सूचना पुलिस को दी, लेकिन अंधेरा होने के कारण रात में युवक के शव को रेस्क्यू नहीं किया जा सका, आज रविवार सुबह नगर सेना और गोताखोरों की टीम ने युवक का शव बरामद कर पओस्टमार्टम के लिए पुलिस को सौंप दिया।
उल्लेखनिय है कि यह जलप्रपात प्रति वर्ष हादसों का गवाह बन रहा है, बावजूद इसके पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अब तक कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा बैरियर होने के बाद भी इसका सख्ती से पालन नहीं कराया जाता, जिसके चलते पर्यटक अकसर खतरे के निशान को पार कर जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं। पर्यटकों को अपनी ओर आर्कषित करने वाला मलांजकुड्डुम जलप्रपात में हादसों का सिलसिला नया नहीं है। वर्ष 2022 में भी यहां दो युवकों की मौत हुई थी। इसके बाद भी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बस्तर के समस्त पर्यटक स्थल निसंदेह पर्यटकों को अपनी ओर आर्कषित करते हैं लेकिन पर्यटकों के लिए यहां कोई सुविधा नही मिलती है, इसलिए पर्यटकों को चाहिए कि अपनी सुरक्षा स्वयं करें अन्यथा हादसों का शिकार होना पड़ेगा।
