कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण में मची भगदड़, दो महिलाओं की मौत


सीहोर। कुबेरेश्वर धाम में कल 6 अगस्त को होने वाले विशाल कांवड़ यात्रा और रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ पड़ी है। देश के कोने-कोने से भक्त दो दिन पहले से ही कुबेरेश्वर धाम पहुंच रहे हैं, जिससे मंदिर परिसर और आसपास के इलाके श्रद्धालुओं से खचाखच भर गए हैं। भक्तों की लगातार आवाजाही के कारण इंदौर-भोपाल हाईवे पर भीषण ट्रैफिक जाम के हालात बन गए हैं। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की टीम लगातार प्रयासरत है, लेकिन भारी भीड़ के कारण वाहन जगह-जगह फंसे नजर आ रहे हैं।

हाईवे पर कई किलोमीटर लंबी गाडिय़ों की कतार देखी जा रही है, जिससे यात्रियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुबेरेश्वर धाम मेंआयोजित रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया। भारी भीड़ के दबाव और अव्यवस्था के चलते दो महिलाओं की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। इस घटना के बाद श्रद्धालुओं में डर और नाराजगी का माहौल है।घटना की पुष्टि करते हुए एडिशनल एसपी सुनीता रावत ने बताया कि स्थिति पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है और भीड़ को नियंत्रित करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने की अपील की है। प्रशासन की ओर से पुलिस बल, होमगार्ड, मेडिकल टीम और वॉलंटियर्स को मौके पर तैनात किया गया है, लेकिन अनुमान से कहीं ज्यादा भीड़ पहुंचने के कारण व्यवस्था पर दबाव बना हुआ है। कुबेरेश्वर धाम प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी यात्रा को नियोजित करें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। बताया जा रहा है कि इस बार रुद्राक्ष वितरण कार्यक्रम में लाखों भक्तों के पहुंचने का अनुमान है, इसलिए प्रशासन को पहले से ही चेतावनी दी गई थी कि भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए जाएं।

सावन मास की पवित्र बेला में सीहोर के कुबेरेश्वर धाम पर उमड़ा श्रद्धा का जनसैलाब मंगलवार को हृदयविदारक हादसे में तब्दील हो गया। भारी सुरक्षा बंदोबस्त और प्रशासनिक दावों के बावजूद रुद्राक्ष वितरण के दौरान अफरातफरी मच गई, जिसमें दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई और कई श्रद्धालु घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब अचानक रुद्राक्ष वितरण को बीच में ही रोक दिया गया, जिससे बेकाबू भीड़ में धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

बड़ी संख्या में तैनात थे पुलिसकर्मी, फिर भी फेल हुई व्यवस्था

कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जिनमें 4 डीएसपी, 7 थाना प्रभारी (टीआई) और 30 सब-इंस्पेक्टर शामिल थे। इसके बावजूद जब रुद्राक्ष वितरण अचानक रोका गया तो प्रशासन भीड़ को संभालने में नाकाम रहा। चंद मिनटों में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि भीड़ में दबने से दो महिलाओं की जान चली गई। यह घटना न सिर्फ प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि धार्मिक आयोजनों की योजना और प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

अस्पताल में हुई मौत की पुष्टि, मृतकों की पहचान जारी

हादसे में घायल श्रद्धालुओं को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। दोनों की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई गई है। फिलहाल मृतकों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, जबकि दो अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने हादसे के बाद मेडिकल सुविधाओं को सक्रिय किया, लेकिन घटनास्थल पर प्राथमिक चिकित्सा टीमों की अनुपस्थिति ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया।

 


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