प्राचार्य पदोन्नति केस में सुनवाई पूरी, सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित


रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से चर्चा में रहे प्राचार्य पदोन्नति विवाद से जुड़ी याचिका WPS 3937/2025 – नारायण प्रकाश तिवारी बनाम राज्य शासन की सुनवाई आज 5 अगस्त 2025 को बिलासपुर उच्च न्यायालय में पूरी हो गई।

जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस अहम फैसले पर प्रदेशभर के शिक्षकों और पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षाकर्मियों की निगाहें टिकी हैं।

आज की सुनवाई में शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता  यशवंत सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा, जबकि याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हमीदा सिद्दीकी ने तर्क प्रस्तुत किए।इस अवसर पर प्राचार्य पदोन्नति फोरम की ओर से आर. के. बंजारे, डॉ. भागवली जोशी, प्रदीप कुमार बंजारे, संतोष कुमार चिंचोलकर एवं आकाश राय जैसे प्रमुख प्रतिनिधि भी न्यायालय परिसर में उपस्थित रहे।

छत्तीसगढ़ प्राचार्य पदोन्नति फोरम के अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने बताया कि अब सभी की निगाहें उच्च न्यायालय के निर्णय पर हैं, जो छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे और पदोन्नति प्रक्रिया पर दूरगामी असर डाल सकता है। उन्होंने उम्मीद जतायी है कि फैसला आते ही प्राचार्यों की पदस्थापना का भी आदेश जारी हो जायेगा।

 


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