कारगिल विजय दिवस 2025: शहीदों की वीरता को सलाम, 26 साल बाद भी जज्बा कायम


कारगिल विजय: हमारे वीरों की अमर गाथा- 26 जुलाई 1999, वो दिन जब भारत ने कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी घुसपैठियों को मुंहतोड़ जवाब दिया। ऑपरेशन विजय के नाम से मशहूर इस युद्ध ने हमारे सैनिकों के साहस और बलिदान की कहानी दुनिया के सामने रखी। टाइगर हिल और टोलोलिंग जैसी ऊंची चोटियों पर लड़ाई लड़ना, बर्फीले मौसम में दुश्मन का सामना करना, ये सब हमारे जवानों की बहादुरी की दास्तां कहता है।

Thank you for reading this post, don’t forget to subscribe!

पंजाब के मुख्यमंत्री का सम्मान: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कारगिल विजय दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 1999 का युद्ध आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने शहीदों के परिवारों के योगदान को भी सराहा और ट्वीट कर कहा कि इन वीरों का साहस हमेशा याद रखा जाएगा। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी आजादी कितनी कीमती है।

कठिन परिस्थितियाँ, अटूट हौसला: कारगिल युद्ध बेहद मुश्किल था। दुश्मन ऊंचाई पर, हमारे जवान नीचे से चढ़ाई करते हुए। ठंड, ऑक्सीजन की कमी और लगातार गोलाबारी, फिर भी हमारे सैनिक डटे रहे। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मन को हराया। यह दृढ़ता ही हमारी सेना की ताकत है।

अमर शहीदों की याद: इस युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, और कई और वीर जवान शहीद हुए। उनकी कुर्बानी हमेशा याद रहेगी। यह वीरता की गाथा हमें याद दिलाती है कि देश के लिए हमारे जवान कितने समर्पित हैं। कारगिल विजय दिवस हमें अपने वीरों को याद करने का मौका देता है।

 


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *