रायपुर। उपराष्ट्रपति के रिक्त पद के लिए होने वाले चुनाव में बहुमत के आधार पर भाजपा गठबंधन का ही कोई सदस्य चुना जायेगा,तय है। लेकिन फिक्र हो रही है छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज को,उन्होने सियासी दांव चलते हुए छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता रमेश बैस का नाम मोदी को भेजते हुए एक पत्र लिखा है कि उन्हे उपराष्ट्रपति बनाया जाए। फिलहाल बैज के इस मांग पर छत्तीसगढ़ भाजपा का पक्ष नहीं आया है। लेकिन हलचल कांग्रेस खेमे में भी है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने उपराष्ट्रपति पद के लिए छत्तीसगढ़ को वरीयता देने की मांग करते हुए पूर्व केन्द्रीय मंत्री व तीन राज्यों के राज्यपाल रहे रमेश बैस का नाम उपराष्ट्रपति पद के लिए सुझाया है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में बैज ने लिखा है कि आपके कुशलक्षेम की कामनाओं के साथ यह पत्र आपकी ओर प्रेषित है। जैसा कि आम चुनाव वर्ष 2000 से अब तक छत्तीसगढ़ ने 11 लोकसभा क्षेत्र में से औसतन 10 सीटें जीताकर भारतीय जनता पार्टी को संसद सदस्य के रूप में देने का काम किया है। 2014 में केंद्र में आपकी सरकार जब बनी उस वक्त छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा में से भाजपा ने 10 सीटें जीती, इसी प्रकार 2019 में 9 सीटें तथा वर्ष 2024 के आम चुनाव में 10 सीटें भारतीय जनता पार्टी को जीताकर सांसद के रूप में प्रदेश की जनता ने भेजा है। किन्तु हम सभी के लिए पीड़ा का विषय है कि तीनों कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को केवल राज्यमंत्री का प्रतिनिधत्व मिला। वर्तमान में छत्तीसगढ़ भाजपा में पूर्व राज्यपाल रमेश बैस जैसे नेता शामिल है जो कि 7 बार के सांसद एवं झारखंड, त्रिपुरा, महाराष्ट्र जैसे राज्यों के राज्यपाल के रूप में सेवा दे चुके हैं। छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के 10 सांसदों को कोई महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व केन्द्र में नहीं मिला है। वरीयता के आधार पर मैं समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से उप राष्ट्रपति के पद हेतु प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ के किसी नेता को अवसर देने का निवेदन करता हूं। अब ये तो सभी मान रहे हैं कि भले ही बैज इस पद के लिए बैस का नाम सुझा रहे हैं लेकिन सियासी मोहरा तो अच्छा फेंका है।
