शराब घोटाले मामले में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ईडी ने किया गिरफ्तार, 5 दिन की रिमांड पर होगी पूछताछ


00 भूपेश ने कहा राजनीतिक प्रतिशोध,कांग्रेस का सदन से सड़क तक विरोध
रायपुर। राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया है। सुबह 5.30 बजे भिलाई स्थित बघेल के निवास में ईडी की टीम अचानक पहुंची और वहीं पहले चैतन्य से पूछताछ की फिर रायपुर लाकर विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया जहां पूछताछ के लिए ईडी ने कस्टोडियल रिमांड की मांग रखी। दोनों पक्षों के वकीलों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने पांच दिन की रिमांड पर ईडी को सौंप दिया है,.इस आदेश के साथ कि 22 जुलाई तक रिमांड है, 23 जुलाई की सुबह 11 बजे चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश करेंगे।

शराब घोटाला मामले में ईडी की टीम ने शुक्रवार सुबह को भूपेश बघेल के घर छापा मारा, जिसके बाद ईडी की टीम पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे को अपने साथ गिरफ्तार करके रायपुर लेकर आई। बता दें कि आज चैतन्य बघेल का जन्मदिन है। ईडी की टीम ने सुबह साढे 5 बजे ही भूपेश बघेल के भिलाई स्थित निवास पर छापा मारा था। जांच की कार्रवाई लगभग 7 घंटे तक चली, जिसके बाद चैतन्य बघेल को गिरफ्तार कर लिया गया। वहां भी कार्यकर्ताओं ने ईडी के वाहनों को रोकने का प्रयास किया।

सूत्रों के मुताबिक पप्पू बंसल के बयान और शपथ पत्र के आधार पर ईडी ने बघेल के बेटे की गिरफ्तारी की है। मनी लॉन्ड्रिंग की धारा 19 के तहत यह गिरफ्तारी की गई क्योंकि ताजा छापेमारी के दौरान चैतन्य बघेल जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। ईडी इससे पहले भी इस मामले में कई अफसरों और कारोबारियों से पूछताछ कर चुकी है और अब चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी को इस जांच में बड़ा कदम माना जा रहा है।

सदन से सड़क तक कांग्रेस ने किया विरोध-
कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी के विरोध में छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र के आखिरी दिन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया और सभी विधायक भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत के साथ कोर्ट पहुंच गए। वहीं ईडी के रायपुर कार्यालय के समक्ष कांग्रेसी प्रदर्शन कर रहे हैं,कुछ जगहों पर ईडी के पुतले भी जलाये गए। इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि आज चैतन्य का जन्मदिन है और इस दिन उसे गिरफ्तार किया गया। उन्होंने इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है। उधर कोर्ट में पेश किये जाने के दौरान भी कार्यकर्ता काफी संख्या में मौजूद रहे इसलिए भारी सुरक्षा व्यवस्था व मशक्कत के बाद चैतन्य को पेश किया जा सका।


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