00 आईआईटी भिलाई एवं एनआईटी रायपुर के कुल 16 विशेषज्ञ प्रोफेसरों ने भाग लिया
रायपुर/बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव्स के प्रदर्शन को और अधिक सुदृढ़ एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए एक दिवसीय विचार-मंथन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में आईआईटी भिलाई एवं एनआईटी रायपुर के कुल 16 विशेषज्ञ प्रोफेसरों ने भाग लिया। संगोष्ठी का नेतृत्व दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर रामेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर श्री तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने प्रतिभागियों से संवाद करते हुए तकनीकी सहयोग की निरंतरता और व्यवहारिक परियोजनाओं के माध्यम से अकादमिक और औद्योगिक साझेदारी को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि फील्ड आधारित शोध एवं छात्र-नेतृत्वित तकनीकी परियोजनाएं न केवल व्यावहारिक समाधान प्रदान करेंगी, बल्कि सुपरवाइजरी स्टाफ के तकनीकी कौशल को भी सशक्त बनाएंगी।
महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश के नेतृत्व में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में तकनीकी नवाचारों एवं संचालन संबंधी सुधारों को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है। कर्मचारियों की कार्य-प्रणाली को सुगम, सुरक्षित एवं कुशल बनाने के उद्देश्य से अनेक पहलें की जा रही हैं, जिनमें प्रशिक्षण, तकनीकी उन्नयन तथा डिजिटल टूल्स के उपयोग को विशेष बल दिया जा रहा है। इससे न केवल परिचालनिक दक्षता में वृद्धि हो रही है, बल्कि यात्रियों को बेहतर सेवा प्रदान करने की दिशा में भी सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
संगोष्ठी में लोकोमोटिव संचालन को और अधिक कुशल बनाने के लिए नवीन विचारों एवं तकनीकी दृष्टिकोणों पर व्यापक चर्चा की गई। इस विषय पर विभिन्न मुद्दे जैसे – ट्रैक्शन सिस्टम की सटीकता बढ़ाने, लोकोमोटिव नियंत्रण प्रणाली के डेटा एनालिसिस, रीयल-टाइम फॉल्ट डिटेक्शन एवं पूर्वानुमानित अनुरक्षण की दिशा में संयुक्त अनुसंधान की संभावनाएं तलाशी गईं। इस सहयोगात्मक अध्ययन का उद्देश्य लोकोमोटिव्स की परिचालनिक उपलब्धता एवं विश्वसनीयता को और बेहतर बनाना है। दक्षिण पूर्व मधी रेलवे एवं तकनीकी संस्थान संयुक्त रूप से वास्तविक समय के आंकड़ों का विश्लेषण कर, उच्च स्तरीय समाधान एवं दीर्घकालीन सुधार रणनीतियाँ विकसित करेंगे, जिससे भविष्य में इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव्स का प्रदर्शन नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
