महाराष्ट्र में गणेशोत्सव को मिला राज्योत्सव का दर्जा,फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला


मुंबई। राज्य में गणेशोत्सव का गहरा महत्व है, इसके सार्वजनिक उत्सवों की शुरुआत 1893 से हुई है, जब लोकमान्य तिलक ने औपनिवेशिक शासन के दौरान एकता और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में इस उत्सव को लोकप्रिय बनाया था। राज्य के सभी गणेश भक्तों के लिए खुशखबरी है। अब से गणेशोत्सव राजकीय उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। संस्कृति मंत्री आशीष शालर ने विधानसभा में घोषणा की कि गणेशोत्सव राज्य उत्सव होगा। भाजपा विधायक हेमंत रासाने ने विधानसभा के मानसून सत्र में इस संबंध में प्रस्ताव रखा था। इस पर बात करते हुए आशीष शेलार ने गणेश भक्तों को यह खुशखबरी दी है। बप्पा के आगमन में बस कुछ ही दिन बचे हैं। इस साल हमारे प्यारे बप्पा 12 दिन पहले ही आएँगे। 27 अगस्त को गणपति बप्पा धूम-धाम से पधारेंगे। गणेशोत्सव में बस कुछ ही दिन बाकी हैं, ऐसे में राज्य सरकार की ओर से एक बड़ा ऐलान किया गया है।  शेलार ने विधानसभा में घोषणा की कि गणेशोत्सव पूरे राज्य में महाराष्ट्र के त्योहार की तरह मनाया जाएगा। शेलार की इस घोषणा के बाद गणेश भक्तों में खुशी का माहौल है। राज्य की आन-बान और शान गणेशोत्सव को महाराष्ट्र का त्योहार घोषित किया जा रहा है। आशीष शेलार ने विधानसभा में कहा कि कुछ लोगों ने अलग-अलग कारणों से गणेशोत्सव की सार्वजनिक परंपरा को बाधित किया था। लेकिन हमने इन सभी स्पीड ब्रेकरों को हटाने का काम किया है। इसे आधिकारिक राज्य उत्सव का दर्जा देकर, भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार न केवल परंपरा का सम्मान कर रही है, बल्कि महत्वपूर्ण निकाय चुनावों से पहले, इसे एक मज़बूत हिंदुत्व के संकेत के रूप में देखते हुए, राजनीतिक ध्यान भी आकर्षित कर रही है। एराज्य में गणेशोत्सव का गहरा महत्व है, इसके सार्वजनिक उत्सवों की शुरुआत 1893 से हुई है। जब लोकमान्य तिलक ने औपनिवेशिक शासन के दौरान एकता और प्रतिरोध के प्रतीक के रूप में इस उत्सव को लोकप्रिय बनाया था। (साभार-प्रभा साक्षी)


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *