क्रोएशिया में बोले पीएम मोदी , कहा समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं आ सकता


जगरेब । भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्रोएशिया की राजधानी जगरेब में अपने समकक्ष आंद्रेज प्लेंकोविक के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता की। वर्ता को दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने के लिए अहम मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कहा है कि यह युद्ध का समय नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और क्रोएशिया इस बात पर सहमत हैं कि चाहे यूरोप हो या एशिया, समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदानों से नहीं निकल सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि बातचीत और कूटनीति ही इसका एकमात्र रास्ता है। क्रोएशिया से पहले पीएम मोदी साइप्रस और कनाडा गए थे।

क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविक के साथ वार्ता के बाद मीडिया को दिए बयान में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हैं कि ‘आतंकवाद मानवता का दुश्मन है’ और यह लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली ताकतों के लिए दुश्मन के समान है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सहमत हैं कि चाहे यूरोप हो या एशिया, समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदानों से नहीं पाया जा सकता है, बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है।’’ पीएम मोदी का यह बयान पश्चिम एशिया में इजरायल और ईरान के बीच सैन्य टकराव बढ़ने के कारण पैदा हुए हालात के बीच आया है। मोदी ने कहा कि किसी भी देश के लिए क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान आवश्यक है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘‘जगरेब में मित्र और प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविक के साथ सार्थक वार्ता हुई। हमारी बातचीत में कई क्षेत्र शामिल रहे, जिसका उद्देश्य भारत-क्रोएशिया संबंधों को और भी मजबूत बनाना था। हम रक्षा और सुरक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, आईटी (सूचना प्रौद्योगिकी), नवीकरणीय ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। सेमीकंडक्टर, जहाज निर्माण, कनेक्टिविटी और अन्य क्षेत्रों में तालमेल भी बहुत फायदेमंद होगा।’’

आतंकवाद के खिलाफ क्रोएशिया ने किया भारत का समर्थन
प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा पार आतंकवाद से लड़ने में भारत को निरंतर समर्थन देने के लिए क्रोएशिया का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ के रणनीतिक संबंधों को और गहरा करने का आह्वान भी किया। मोदी ‘बाल्कन’ (दक्षिण पूर्वी यूरोप का क्षेत्र) राष्ट्र की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। अपने वक्तव्य में प्लेंकोविक ने कहा कि मोदी के साथ उनकी मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंधों के महत्व और मजबूती को दर्शाती है।

 


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