रायपुर में छापेमारी के बाद भागे तोमर ब्रदर्स, IT की रेड में खुले हिस्ट्रीशीटर्स के कई राज


Tomar Brothers House IT Raid: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कुख्यात सूदखोर तोमर ब्रदर्स (वीरेंद्र और रोहित तोमर) पुलिस की कार्रवाई से पहले ही फरार हो गए। इन दोनों के खिलाफ सूदखोरी, मारपीट, अवैध हथियार रखने और जबरन संपत्ति हड़पने जैसे संगीन आरोपों में अब तक तीन एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इनकम टैक्स विभाग, नगर निगम और क्राइम ब्रांच की संयुक्त छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति और बड़ी मात्रा में अवैध सामग्री जब्त की गई है।

सूदखोरी के लिए तैयार की गई थी 37 गुंडों की फौज
पुलिस की शुरुआती जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि तोमर भाइयों ने अपनी सूदखोरी और वसूली के धंधे को मजबूत करने के लिए 37 गुंडों की एक फौज खड़ी की थी, जिनमें से 27 अब तक लापता हैं। पुलिस इन गुर्गों की तलाश में जुटी है, साथ ही तोमर ब्रदर्स के सहयोगियों और फाइनेंशियल नेटवर्क का विश्लेषण भी किया जा रहा है।

किले जैसा बनाया था घर
वीरेंद्र और रोहित तोमर ने अपने घर को किसी किले की तरह बना रखा था। चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे, निगरानी के लिए अलग कर्मचारी और किसी भी पुलिस कार्रवाई की सूचना तुरंत देने का सिस्टम तैयार किया गया था। पुलिस ने बताया कि इन्हीं इंतजामों की वजह से दोनों आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे।

आईटी और निगम की रेड में मिले दस्तावेज
रेड के दौरान पुलिस ने 37 लाख नकद, करीब 735 ग्राम सोने-चांदी के जेवर, चार लग्जरी गाड़ियां, हथियार, 5 तलवारें, 1 रिवॉल्वर, 1 पिस्टल और नोट गिनने की मशीन जब्त की है। इसके अलावा दर्जनों रजिस्ट्रियां, बैंक चेक, ई-स्टांप और प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी मिले हैं। निगम की टीम ने भी निर्माण स्वीकृति और टैक्स संबंधित दस्तावेजों की जांच की।

क्राइम से जुड़े अकाउंट की जांच में जुटी एजेंसियां
सूत्रों की मानें तो दोनों भाइयों ने सूदखोरी से कमाए गए करोड़ों रुपए को सट्टा बाजार में लगाया है। यही नहीं, पुलिस को आशंका है कि वे नेपाल भाग चुके हैं। उनकी तलाश में इंटरनेशनल नेटवर्क तक हाथ फैलाया गया है।

तोमर ब्रदर्स के भतीजे दिव्यांश प्रताप तोमर को हिरासत में लेकर दो दिन तक पूछताछ की गई, लेकिन उसका हर सवाल पर एक ही जवाब था— “सब चाचा को पता है।” यह बयान अब पुलिस की जांच को और मजबूत बना रहा है।

शिकायतों की बाढ़
अब जबकि तोमर ब्रदर्स फरार हैं, तो पहले डरे सहमे पीड़ित थानों में सामने आने लगे हैं। हाल ही में एक पीड़ित ने शिकायत दी कि 10 लाख रुपए का कर्ज लिया और 1.10 करोड़ वापस करने के बाद भी धमकाया जा रहा था। ऐसे दर्जनों पीड़ित अब सामने आ रहे हैं और तोमर ब्रदर्स के खिलाफ अपना पक्ष रख रहे हैं।

पुरानी बस्ती थाने के टीआई योगेश कश्यप ने बताया कि अब तक तीन केस दर्ज किए जा चुके हैं। आरोपियों की संपत्ति और जब्त दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है। साथ ही पीड़ितों से भी संपर्क कर उन्हें भरोसे में लेकर न्याय दिलाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

 


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