स्वाद भी, सेहत भी: आयुर्वेद के नजरिए से जानिए सुपरफूड ‘जामुन’ के बेमिसाल फायदे


नई दिल्ली। जामुन का नाम सुनते ही मुंह में मिठास और हल्की कसैलापन का स्वाद आ जाता है। लेकिन यह फल सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है। आयुर्वेद विशेषज्ञों के मुताबिक जामुन पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसका नियमित और संतुलित सेवन डायबिटीज, इम्यूनिटी, पाचन, वजन नियंत्रण और दांतों की सेहत समेत कई स्वास्थ्य लाभ देने में मददगार माना जाता है।
जामुन का फल तो सभी ने खाया होगा। परंतु इसके फायदे शायद ही किसी को पता हो। आमतौर पर लोग इसे साधारण फल समझकर खा लेते हैं। लेकिन यह फल हमारे लिए बेहद फायदेमंद होता है। आयुर्वेद के जानकार इसे औषधीय गुणों से भरपूर पौधा मानते हैं। इसमें इन्सुलिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। जो डायबिटीज के मरीजों के लिए बड़ा ही गुणकारी माना जाता है।
डॉ स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस लखनऊ विश्व विद्यालय) के मुताबिक जामुन का फल, गुठली के साथ ही छाल सभी औषधीय गुणों से भरपूर होता है। इसमें कई ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो हमारे शरीर की इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखने के साथ कई गंभीर बीमारियों से बचाने में कारगर होते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह होती है की यह नाइट्रोजन और सल्फर ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों को हवा में सोख कर ऑक्सीजन में बदल देता है।
जामुन में आयरन, विटामिन सी, विटामिन ए, कैरोटीन जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। साथ ही, यह एंटी ऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। जो हमारे शरीर की इम्युनिटी मजबूत करने का कार्य करता है।
जामुन का फल हमें डायबिटीज, त्वचा की समस्या, खून की कमी, वजन कम करने में, दांतो व मसूडों को मजबूत बनाने में, दिल की बीमारी के लिए, आंखों की रोशनी तेज करता है। साथ ही इम्यूनिटी मजबूत करने में काफी कारगर होता है।
डॉ स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं की इसके फल का सुबह खाली पेट सेवन करने से हमें डायबिटीज की समस्या से राहत मिलती है। इसमें हीमोग्लोबिन की मात्रा अधिक होती है। जो हमारी आंखों की रोशनी तेज करने के साथ ही हमारी त्वचा को मुलायम बनाता है ।
मसूडों को मजबूत बनाने के लिए इसकी पत्तियों को सुखाकर पाउडर बनाकर टूथपेस्ट की तरह इस्तेमाल करे तो दांत मजबूत होने के साथ ही मुंह के छालों से राहत मिलती है।
इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है। जो वजन कम करने में कारगर साबित होता है। इसका सिरका भी बनाकर उपयोग किया जा सकता है। वह हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करता है।


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