वनांचल के बेटे ने बढ़ाया प्रदेश का मान, IFS बनकर रचा नया इतिहास,तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह से भारतीय वन सेवा तक अजय गुप्ता का प्रेरक सफर


रायपुर, छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र से निकलकर भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित हुए रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव निवासी अजय गुप्ता ने प्रदेश का मान बढ़ाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज अजय गुप्ता ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें भारतीय वन सेवा में चयनित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए इसे पूरे छत्तीसगढ़, विशेषकर वनांचल क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का क्षण बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अजय गुप्ता ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत प्रेरणादायी है कि एक ऐसा युवा, जिसने बचपन में जंगलों में तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह कर परिवार का सहयोग किया, आज उन्हीं जंगलों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अजय की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। यदि सही अवसर, मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प मिल जाए तो दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के युवा भी देश की सर्वोच्च सेवाओं में अपनी जगह बना सकते हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ‘लघु वनोपज संघ छात्रवृत्ति’ तथा ‘पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति’ जैसी योजनाओं ने अजय जैसे प्रतिभाशाली युवाओं के सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अजय की सफलता वनांचल समाज के संघर्ष, आत्मविश्वास और सपनों की जीत है, जो हजारों युवाओं को बड़े सपने देखने की प्रेरणा देगी।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव में साधारण परिवेश में पले-बढ़े अजय गुप्ता का बचपन जंगलों, खेती-किसानी और वनोपज संग्रहण के बीच बीता। छुट्टियों में वे अपने माता-पिता के साथ जंगल जाकर तेंदूपत्ता और महुआ संग्रह करते थे। आर्थिक अभावों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को प्राथमिकता दी और 10वीं में 92.66 प्रतिशत तथा 12वीं में 91.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर अजय को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में प्रवेश मिला। अध्ययन के दौरान उन्हें लगातार तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति का लाभ मिला। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और भारतीय वन सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 91वीं रैंक हासिल कर अपना सपना साकार किया।

अजय गुप्ता ने बताया कि शुरुआती जीवन में उनके सपने सीमित थे और उन्हें लगता था कि दुनिया गांव तक ही सीमित है, लेकिन उच्च शिक्षा और नए अनुभवों ने उनके सोचने का दायरा बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा रहा है और प्रकृति के साथ बचपन से बने इसी जुड़ाव ने उन्हें वन सेवा में जाने की प्रेरणा दी।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अजय की सफलता प्रदेश के उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अजय गुप्ता जैसे युवा आने वाली पीढ़ियों को संघर्ष, आत्मविश्वास और संकल्प की शक्ति का संदेश देंगे तथा छत्तीसगढ़ के युवाओं को नई दिशा और नई प्रेरणा प्रदान करेंगे।

 


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