बस्तर की बेटियों का सशक्तिकरण: रीता जोशी को महिला स्व-सहायता समूहों पर शोध के लिए मिली पीएचडी की उपाधि


जगदलपुर। महिला स्व-सहायता समूहों पर किए शाेध पर डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, कोटा,बिलासपुर, छत्तीसगढ़ द्वारा शोधार्थी श्रीमती रीता जोशी (पाणिग्राही) को “डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.)” की उपाधि प्रदान की गई है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी पीएच.डी. अधिसूचना के अनुसार, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के एम.फिल./पीएच.डी. डिग्री प्रदान करने के न्यूनतम मानक एवं प्रक्रिया, विनियम 2016 के तहत शोधार्थी के शोध प्रबंध का मूल्यांकन किया गया। परीक्षकों की रिपोर्ट एवं मौखिक परीक्षा के प्रतिवेदन पर विचार करने के उपरांत विश्वविद्यालय ने उनके शोध कार्य को स्वीकृति प्रदान की गई।
रीता जोशी ने अपना शोध कार्य ग्रामीण प्रौद्योगिकी संकाय के अंतर्गत पूर्ण किया। उनका शोध विषय “बस्तर एवं जांजगीर-चांपा जिले की महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) की उद्यमशील क्षमताओं का तुलनात्मक अध्ययन (छत्तीसगढ़)” रहा। इस शोध कार्य का मार्गदर्शन डॉ. कमल कुमार सेन द्वारा किया गया। इस उपलब्धि पर उनके परिजनों, मार्गदर्शक एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।


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