रायपुर। बृजमोहन अग्रवाल ने राजधानी रायपुर में वर्षों से चली आ रही जलभराव और शहरी बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर ₹220 करोड़ के “शहरी बाढ़ जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम” (Urban Flood Risk Management Program) को सैद्धांतिक मंजूरी देने का आग्रह किया है।
सांसद अग्रवाल ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि रायपुर शहर के लिए तैयार इस महत्वपूर्ण परियोजना का प्रस्ताव पहले ही राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) को भेजा जा चुका है। 10 नवंबर 2025 को जारी नए दिशानिर्देशों के अनुसार छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रस्ताव में आवश्यक संशोधन किए, जिसे 23 जनवरी 2026 को राज्य कार्यकारी समिति से औपचारिक स्वीकृति भी मिल चुकी है। तकनीकी सलाहकार समिति (TAC) द्वारा सुझाए गए सभी बिंदुओं का पालन करते हुए अनुपालन रिपोर्ट सहित संशोधित प्रस्ताव पुनः प्रस्तुत किया गया, लेकिन अंतिम मंजूरी अभी तक लंबित है।
सांसद ने कहा कि रायपुर में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण शहर की ड्रेनेज व्यवस्था (निकासी तंत्र) बेहद कमजोर हो गई है। मानसून के दौरान थोड़ी अधिक बारिश भी गंभीर जलभराव का रूप ले लेती है। विशेष रूप से भाठागांव, प्रोफेसर कॉलोनी और अवंती विहार जैसे निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हर साल भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, जहां सड़कें पानी में डूब जाती हैं और आवागमन ठप हो जाता है।
अग्रवाल ने उदाहरण देते हुए बताया कि जुलाई 2025 में मात्र 33 घंटों के भीतर 103 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जिससे शहर के प्रमुख चौराहे जलमग्न हो गए और सामान्य जनजीवन पूरी तरह बाधित हो गया। उनके अनुसार प्रस्तावित फंड शहर के स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
₹220 करोड़ की यह योजना अस्थायी मरम्मत के बजाय वैज्ञानिक तरीके से डिज़ाइन किए गए स्थायी बाढ़ प्रबंधन तंत्र के निर्माण पर केंद्रित है, जो भविष्य में अत्यधिक वर्षा की स्थिति को भी संभाल सकेगा। इसमें नालों का उन्नयन, जल निकासी क्षमता बढ़ाना, आधुनिक जल प्रबंधन संरचनाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा उपाय शामिल किए जाने की संभावना है।
सांसद ने गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि रायपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर को हर साल होने वाली जलभराव और शहरी बाढ़ की समस्या से बचाने के लिए संबंधित विभागों को शीघ्र निर्णय लेने के निर्देश दिए जाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि योजना के लागू होने से न केवल नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि राजधानी के बुनियादी ढांचे को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी और शहर के सतत विकास को गति मिलेगी।
यह पहल रायपुर को भविष्य की शहरी चुनौतियों से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
