रायपुर। डीजे पर प्रतिबंध की बात तो ठीक है लेकिन उसका कोरम पूरा करने के लिए धूमाल पार्टी तैयार है। 20 से 25 लोगों की टोली जो तरह-तरह के वाद्य यंत्र बजाते हैं और इनसे जुड़े साउंड सिस्टम का शोर लगभग डीजे की कमी पूरी कर देता है जैसा कि गणेश चर्तुथी के दिन सुना गया था। होना तो ये चाहिए कि धूमाल बजे पर बगैर साउंड सिस्टम के तब इस पर कहीं नियंत्रण हो सकेगा। रंग-बिरंगी चकाचौंध वाली लाइट पर भी पूरी तरह रोक लगनी चाहिए। वैसे तो देखने में ये भी आ रहा है गणेश पंडालों में निर्धारित समय सीमा से अधिक साउंड में देर रात्रि तक स्पीकर बज रहे हैं कहीं कोई रोक टोक नहीं हैं। बता दें..रायपुर में गणेश विसर्जन और ईद मिलाद-उन-नबी पर जिला प्रशासन ने डीजे और पटाखों पर बैन लगा दिया है। शांति समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक में बताया गया कि चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। साथ ही हुड़दंगियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। एक स्वागत योग्य निर्णय है लेकिन पालन कितना होगा देखने वाली बात होगी।
