रायपुर। कोनी-मोपका बायपास मार्ग के पुनः निर्माण के तहत फोरलेन निर्माण कार्य के लिए वर्ष 2025-26 में कुल 6313.03 लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार कर शासन को स्वीकृति हेतु प्रेषित किया गया है। यह जानकारी लोक निर्माण विभाग, परिक्षेत्र बिलासपुर के मुख्य अभियंता कार्यालय से प्राप्त हुई है। वर्तमान में उक्त प्राक्कलन की स्वीकृति प्रक्रिया प्रचलन में है।
गौरतलब है कि 13.40 किलोमीटर लंबे इस बायपास मार्ग का निर्माण कार्य वर्ष 2010 से 2014 के मध्य किया गया था, जो 15 जून 2016 को पूर्ण हुआ। इसके लिए शासन द्वारा 9 अक्टूबर 2009 को भू-अर्जन सहित कुल 3574 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई थी, जिसमें से 2191.93 लाख रुपये की राशि व्यय की गई।
निर्माण कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस के आईआरसी 37-2001 मानकों के अनुरूप किया गया था, जिसे 15 वर्ष की डिज़ाइन लाइफ तथा 5 एम.एस.ए. यातायात भार को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था। निर्माण में 500 मिमी सब ग्रेड, 250 मिमी जी.एस.बी., 250 मिमी डब्ल्यू.एम.एम., 55 मिमी डी.बी.एम. और 25 मिमी एस.डी.बी.सी. की तकनीकी परतें शामिल थीं।
मार्ग के दोनों ओर दो फसली कृषि भूमि होने के कारण लंबे समय तक जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे मार्ग पर दबाव बना रहता है। वर्ष 2014 से 2016 के बीच अरपा नदी पर बने सकरी-तुर्रकाडीह पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण सभी प्रकार का यातायात कोनी-मोपका बायपास मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया था। अत्यधिक वाहनों की आवाजाही के कारण मार्ग का क्रस्ट एवं सब ग्रेड समयपूर्व क्षतिग्रस्त हो गया।
एनटीपीसी सीपत, स्पंज आयरन इकाइयों, कोल वाशरियों और शहरी यातायात के दबाव से यह मार्ग वर्तमान में अत्यधिक भार वहन कर रहा है। प्रतिदिन औसतन 2221 सीबीपीडी और 14903 पीसीयू के यातायात घनत्व के अनुसार मार्ग पर अब 40 एम.एस.ए. भार पड़ रहा है, जबकि इसका मूल डिज़ाइन 5 एम.एस.ए. के अनुरूप था। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मार्ग के फोरलेन निर्माण की योजना बनाई गई है, जिससे क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था को स्थायित्व एवं गति मिल सके।
