रायपुर, महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत ने 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए चंद्राकर से अब सीबीआई 12 नवंबर तक पूछताछ करेगी। सुरक्षा कारणों को देखते हुए एजेंसी उसे रायपुर के बजाय दिल्ली ले जाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सीबीआई को रिमांड की अनुमति दी गई। कोर्ट ने पूछताछ के दौरान कुछ शर्तें भी तय की हैं। इसके तहत सौरभ चंद्राकर से होने वाली पूरी पूछताछ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगी। साथ ही उसे शाम के समय अपने वकील से मुलाकात करने की अनुमति भी दी गई है।
ईडी ने भी मांगी कस्टडी
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी सक्रिय है। ईडी ने सौरभ चंद्राकर की कस्टडी हासिल करने के लिए अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया है। सीबीआई की पूछताछ में सट्टे से होने वाली कमाई, हवाला नेटवर्क और कथित राजनीतिक व प्रशासनिक संरक्षण से जुड़े अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
देशभर में फैले थे 3 हजार से ज्यादा अवैध पैनल
जांच एजेंसियों के मुताबिक, महादेव सट्टा सिंडिकेट देश के बड़े ऑनलाइन सट्टा नेटवर्कों में शामिल था। क्रिकेट और फुटबॉल समेत विभिन्न खेलों पर ऑनलाइन दांव लगवाने के लिए देशभर में 3 हजार से अधिक अवैध पैनल और शाखाएं संचालित की जा रही थीं।
सट्टे से मिलने वाली रकम पहले बेनामी यानी म्यूल बैंक खातों में जमा की जाती थी। इसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए रकम विदेश भेजी जाती थी। जांच में राजनेताओं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तक कथित प्रोटेक्शन मनी पहुंचने के एंगल की भी पड़ताल की जा रही है।
ईडी ने अपनी शिकायत में इस प्लेटफॉर्म के जरिए करीब 94,400 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन का अनुमान जताया था।
सरगना गिरफ्त में, लेकिन ऑनलाइन जारी है सट्टे का खेल
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बावजूद महादेव ऐप से जुड़े अवैध ऑनलाइन नेटवर्क पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पाई है। डिजिटल पड़ताल में ‘महादेवऑनलाइन डॉट कॉम’ और ‘महादेवबुक्ज डॉट कॉम’ जैसे डोमेन सामने आए हैं।
इनमें से एक वेबसाइट भारत में ब्लॉक है, लेकिन वीपीएन के जरिए अब भी एक्सेस किए जाने की जानकारी सामने आई है। अप्रैल 2021 में रजिस्टर्ड यह डोमेन वर्ष 2027 तक सक्रिय रूप से पंजीकृत है। इसका सर्वर लोकेशन मुंबई, महाराष्ट्र बताया गया है।
अब सीबीआई की पूछताछ पर निगाहें टिकी हैं। माना जा रहा है कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ में महादेव सट्टा नेटवर्क के आर्थिक लेन-देन, हवाला कनेक्शन और कथित संरक्षण देने वालों से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।
