नया रायपुर । वेदांता मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन (VMRF) की इकाई और मध्य भारत के प्रमुख कैंसर उपचार संस्थानों में से एक, बालको मेडिकल सेंटर (BMC) ने छत्तीसगढ़ के नया रायपुर स्थित अपने परिसर के फेज़ 2 विस्तार के लिए माननीय ओ. पी. चौधरी, वित्त मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन की गरिमामयी उपस्थिति में भूमिपूजन किया। इस अवसर पर BMC के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग में उन्नत टोटल बॉडी इर्रेडिएशन (TBI) तकनीक की शुरुआत भी की गई। यह विशेष रेडिएशन उपचार तकनीक छत्तीसगढ़ में पहली बार शुरू की जा रही है।
फेज़ 2 विस्तार के अंतर्गत प्रस्तावित 205 बिस्तरों व मौजूदा 170 बिस्तरों के साथ टोटल 375 बिस्तरो का कैंसर एवं संबद्ध विशेषज्ञता अस्पताल विकसित किया जाएगा। यहां BMC की मौजूदा कैंसर उपचार सेवाओं के साथ कार्डियोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी जैसी विशेषज्ञ सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। यह विस्तार क्षेत्र में विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को बेहतर बनाने और जटिल चिकित्सा स्थितियों वाले मरीजों को समन्वित उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस विस्तार योजना में परिसर के भीतर नर्सिंग हॉस्टल और मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए प्रस्तावित 300-बेड की आवासीय सुविधा भी शामिल है। इस सुविधा में उपचार के दौरान मरीजों और उनके परिजनों के ठहरने की व्यवस्था होगी। विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले उन परिवारों को इसका लाभ मिलेगा, जिन्हें उपचार की पूरी अवधि के दौरान अस्पताल के नजदीक रहने की आवश्यकता होती है।
ओ. पी. चौधरी, वित्त मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा, “किसी भी राज्य के विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और छत्तीसगढ़ इन्हें मजबूत करने की दिशा में निरंतर निवेश कर रहा है। BMC का फेज़ 2 विस्तार इसी प्रयास के अनुरूप है। इससे मध्य भारत में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और उन्नत उपचार सुविधाओं का विस्तार होगा तथा स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्र की अपनी क्षमताएं विकसित होंगी। इससे हमारे लोगों को इलाज या प्रशिक्षण के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। इस महत्वपूर्ण पहल के लिए मैं VMRF को बधाई देता हूं।”
ज्योति अग्रवाल, चेयरपर्सन, VMRF ने कहा, “VMRF की स्थापना आठ वर्ष पहले इस दृष्टिकोण के साथ की गई थी कि किसी भी व्यक्ति को उसके निवास स्थान या आर्थिक स्थिति के कारण गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। यही दृष्टिकोण शुरुआत से BMC का मार्गदर्शन करता रहा है और हम प्रतिदिन इसे साकार करने के लिए प्रयासरत हैं। फेज़ 2 विस्तार इसी यात्रा का अगला महत्वपूर्ण कदम है। BMC के विस्तार के साथ हमारी जिम्मेदारी भी बढ़ती है कि हर नई विशेषज्ञता और तकनीकी प्रगति का लाभ उन मरीजों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। मैं श्री ओ. पी. चौधरी जी के सहयोग के लिए आभारी हूं। साथ ही, हमारे डॉक्टरों, नर्सों और सभी कर्मचारियों का भी आभार व्यक्त करती हूं, जिनके समर्पण से यह प्रगति संभव हो रही है।”
ट्रांसप्लांट संबंधी उपचार को सशक्त बनाने के लिए उन्नत टोटल बॉडी इर्रेडिएशन
BMC ने अपने ट्रूबिम (TrueBeam) लीनियर एक्सीलरेटर का उपयोग करते हुए एक्सटेंडेड सोर्स-टू-स्किन डिस्टेंस (SSD) टोटल बॉडी इर्रेडिएशन (TBI) तकनीक शुरू की है। इस तकनीक में मरीज को रेडिएशन स्रोत से अपेक्षाकृत अधिक दूरी पर रखा जाता है, ताकि एक ही उपचार क्षेत्र में पूरे शरीर को रेडिएशन दिया जा सके।
TBI रेडिएशन थेरेपी का एक विशेष प्रकार है, जिसका उपयोग स्टेम सेल ट्रांसप्लांट से पहले पात्र मरीजों को उपचार के लिए तैयार करने में किया जाता है। जब ट्रांसप्लांट की सलाह दी जाती है, तब कुछ रक्त कैंसर और गैर-कैंसर संबंधी रक्त विकारों, जिनमें सिकल सेल रोग और थैलेसीमिया शामिल हैं, के उपचार में इसे शामिल किया जा सकता है।
रक्त कैंसर से पीड़ित मरीजों में TBI पूरे शरीर में मौजूद कैंसर कोशिकाओं को लक्षित करने में मदद कर सकती है। इसमें मस्तिष्क जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं, जहां केवल कीमोथेरेपी के माध्यम से पर्याप्त उपचार करना कुछ परिस्थितियों में कठिन हो सकता है।
डॉ. भावना सिरोही, मेडिकल डायरेक्टर, VMRF ने कहा, “व्यापक कैंसर देखभाल एक टीम के समन्वित प्रयासों पर निर्भर करती है। कोई भी एक विशेषज्ञ या तकनीक अकेले इसे संभव नहीं बना सकती। इसके लिए चिकित्सकीय विशेषज्ञता, बुनियादी ढांचे और उन्नत तकनीक का मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ मिलकर काम करना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ में सिकल सेल रोग से अनेक परिवार प्रभावित हैं। ऐसे में पात्र मरीजों के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट जीवन बदलने वाला उपचार साबित हो सकता है। TBI की शुरुआत से हमारी पांच-बेड वाली बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट की क्षमताएं और मजबूत होंगी, जो राज्य में अपनी तरह की सबसे बड़ी यूनिट है।”
डॉ. अभिनव इंगले, सीनियर रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट, VMRF ने आगे कहा, “TBI उपचार के लिए सटीक योजना बनाना आवश्यक है, ताकि पूरे शरीर में रेडिएशन की एक समान खुराक सुनिश्चित की जा सके और महत्वपूर्ण अंगों को सुरक्षित रखा जा सके। BMC में हम एक विशेष उपचार व्यवस्था, पोर्टल-आधारित सत्यापन और फेफड़ों पर रेडिएशन के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए लंग शील्ड्स का उपयोग करते हैं। ऑनलाइन, रियल-टाइम इन-विवो डोसीमेट्री के माध्यम से उपचार के दौरान दी जा रही रेडिएशन खुराक की निगरानी की जाती है। सटीक और सुरक्षित उपचार सुनिश्चित करने के लिए ये सभी उपाय आवश्यक हैं। प्रत्येक उपचार योजना को ट्रांसप्लांट टीम के साथ समन्वय में सावधानीपूर्वक तैयार किया जाता है।”
