आजादी के 78 साल बाद विकास की मुख्यधारा से जुड़ा अबूझमाड़: नक्सलवाद के खात्मे के बाद मयूरीपारा तक पहुँची ‘उम्मीद की सड़क’


बीजापुर। जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अतिसंवेदनशील एवं पूर्व नक्सल प्रभावित रहे अबुझमाड़ क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया है। नक्सलवाद के खात्में बाद बैल से मयूरीपारा तक 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत स्वीकृत वर्ष 2016-17 के तहत किया जा रहा है। परियोजना के तहत अब तक 13 किलोमीटर मिट्टीकृत सड़क का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जबकि मुरूमीकरण एवं 6 पुलियों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष कार्य इसी माह जून में पूरा कर लिया जाएगा।
ग्राम बैल की सरपंच जुग्गी अठामी ने बताया कि यह क्षेत्र लंबे समय तक दुर्गम और पहुंचविहीन रहा है। सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों की पूर्ति, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सुविधाओं के लिए घने जंगलों से होकर कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता था। बरसात के दिनों में स्थिति और भी कठिन हो जाती थी, जब नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था और घंटों का समय लग जाता था।
उन्होंने बताया कि आजादी के 78 वर्ष बाद भी नक्सल प्रभाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण क्षेत्र विकास से वंचित रहा, लेकिन अब सड़क निर्माण से हालात तेजी से बदल रहे हैं। गांव के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने लगी है, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों को भी राहत मिली है। स्वास्थ्य सेवाएं अब पहले की तुलना में कहीं अधिक तेजी से उपलब्ध हो रही हैं और जरूरत पडऩे पर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना संभव हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद बनकर आई है। बैल से मयूरीपारा मार्ग के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।


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